बी.ए.एम.एस. — आयुर्वेदिक परामर्श, पंचकर्म, सुवर्ण प्राशन संस्कार एवं पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों के माध्यम से स्वास्थ्य के लिए व्यक्तिगत मार्गदर्शन।

वर्ष 2004 से आयुर्वेदिक चिकित्सा एवं पारंपरिक उपचार पद्धतियों के माध्यम से स्वास्थ्य के लिए मार्गदर्शन एवं सेवाएँ प्रदान करने का निरंतर प्रयास।
आयुर्वेद की पारंपरिक चिकित्सा दृष्टि के अनुरूप व्यक्ति की प्रकृति, जीवनशैली और स्वास्थ्य आवश्यकताओं को समझते हुए उपचार एवं मार्गदर्शन प्रदान किया जाता है। पंचकर्म, सुवर्ण प्राशन संस्कार एवं गर्भसंस्कार जैसी विशेष सेवाएँ भी उपलब्ध हैं।
आयुर्वेद की पारंपरिक पद्धतियों के माध्यम से व्यक्तिगत स्वास्थ्य आवश्यकताओं के अनुरूप मार्गदर्शन।
वमन, विरेचन, बस्ति, नस्य एवं रक्तमोक्षण जैसी पंचकर्म पद्धतियाँ।
कटि बस्ति, जानु बस्ति, मात्रा बस्ति आदि पारंपरिक उपचार।
मानसिक तनाव एवं अनिद्रा जैसी स्थितियों में आयुर्वेदिक मार्गदर्शन।
वात संबंधी समस्याओं, जकड़न एवं जोड़ों से जुड़ी समस्याओं में उपयोगी आयुर्वेदिक प्रक्रियाएँ।
आयुर्वेद की पारंपरिक चिकित्सा पद्धति के अंतर्गत विशेष प्रक्रिया।
चयनित परिस्थितियों में स्थानीय दर्द एवं अन्य समस्याओं के लिए पारंपरिक चिकित्सा पद्धति।
भारतीय चिकित्सा परंपरा में वर्णित सुवर्ण प्राशन संस्कार के माध्यम से बच्चों के स्वास्थ्य, शक्ति एवं सर्वांगीण विकास के लिए आयुर्वेदिक मार्गदर्शन।
मासानुमासिक चिकित्सा एवं स्वस्थ व सुरक्षित गर्भावस्था हेतु आयुर्वेदिक मार्गदर्शन।
हर व्यक्ति की आवश्यकताओं के अनुरूप मार्गदर्शन।
आयुर्वेद की प्रचलित चिकित्सा प्रक्रियाओं पर आधारित सेवा।
शरीर, जीवनशैली और स्वास्थ्य को साथ समझने का प्रयास।
बाल स्वास्थ्य से लेकर गर्भसंस्कार तक विशेष सेवाएँ।
केरल से प्रशिक्षित थेरेपिस्ट द्वारा पारंपरिक आयुर्वेदिक तकनीकों के अनुरूप विशेष थेरेपी सेवाएँ।
पारंपरिक आयुर्वेदिक तेल मालिश एवं रिलैक्सेशन थेरेपी।
औषधीय तेल की नियंत्रित धारा द्वारा पारंपरिक आयुर्वेदिक थेरेपी।
औषधीय पोटली से की जाने वाली पारंपरिक स्वेदन प्रक्रिया।
परामर्श, सुवर्ण प्राशन संस्कार या उपलब्ध सेवाओं की जानकारी के लिए संपर्क करें।